Tuesday, August 20, 2019

कभी बंदर तो कभी नीले कमल का तोहफ़ा

विक्रम का अपनी होने वाली पत्नी को उपहार देने का अंदाज़ सबसे अलग हुआ करता था.
अमृता शाह बताती हैं, "मृणालिनी ने एक बार हंसते हुए मुझसे कहा था मुझे उनसे कभी भी कोई सामान्य तोहफ़ा नहीं मिला. मेरी मंगनी पर उन्होंने करोड़पति होते हुए भी फ़िरोज़े की बहुत सस्ती लेकिन सुंदर तिब्बती अंगूठी दी थी."
"एक बार उन्होने श्रीलंका में पाए जाने वाला बंदर प्रजाति का 'स्लेंडर नोरिस' मुझे भिजवाया था जिसे लेने से मैंने साफ़ इनकार कर दिया था. शादी के दिन विक्रम ने तांबे की एक ट्रे पर बहुत ही दुर्लभ नीले रंग का कमल का फूल उन्हें भिजवाया था. किसी के प्रति प्यार का इससे सुंदर इज़हार हो ही नहीं सकता था."
विक्रम साराभाई बहुत मेहनत करते थे. वो वैज्ञानिक होने के साथ-साथ बहुत अच्छे प्रशासक भी थे. तनाव से मुक्ति के लिए वो हमेशा संगीत का सहारा लिया करते थे. कहा जाता है कि उनके पास रिकॉर्ड्स का बहुत ज़बरदस्त संग्रह था. कुंदनलाल सहगल उनके पसंदीदा गायक थे और उनका गाया गाना 'सो जा राजकुमारी' उन्हें बहुत पसंद था.
उन्हें सीटी बजाने का बहुत शौक था. उनके साथ काम करने वाले बताते हैं कि वो प्रयोगशाला में आ गए हैं, इसका पता उन्हें तब चलता था जब वो 'ब्रिज ऑन द रिवर क्वाए' की धुन की सीटी बजाते हुए सीढ़ियां चढ़ रहे होते थे और उनकी चप्पलों की आवाज़ गूंज रही होती थी.
मल्लिका साराभाई याद करती हैं, 'उन्हें शास्त्रीय पश्चिमी और भारतीय संगीत का बहुत शौक था. उनको टैगोर और सहगल के गाने बहुत पसंद थे."
विक्रम साराभाई अपने वज़न के प्रति बहुत जागरूक रहते थे. सुबह तड़के उठते थे. 12 बार सूर्य नमस्कार करते थे और मौका मिलने पर तैरते थे. घर पर खाने की मेज़ पर वो दही, अचार, पापड़ और सलाद के साथ सिर्फ़ एक रोटी खाया करते थे.
वो अक्सर दूसरों की प्लेट से एक निवाला उठा कर कहते थे, "ये मेरी प्लेट नहीं हैं. इसलिए इसकी कैलोरी मुझे नहीं चढ़ेगी."
मल्लिका साराभाई याद करती हैं, "वो एक बड़े फ़ूडी (खाने के शौक़ीन) थे. लेकिन हमेशा अपने वज़न का ध्यान रखते थे. हमेशा दुबले पतले और फ़िट रहने की कोशिश करते थे. उनको नए तरह के खाने खाने का शौक था. मेरी मां ने जब शादी की तो वो पूरी तरह से मांसाहारी थीं. उन्होंने न सिर्फ़ शाकाहारी परिवार में शादी की बल्कि शाकाहारी राज्य में भी शादी की."
"चूंकि पापा को खाने का बहुत शौक था, इसलिए मेरी मां अलग-अलग देशों की रेसेपी को शाकाहारी बना कर घर में बनाती थी. जब हम बच्चे थे तब से ही हमें मेक्सिकन और स्पेनिश खाने का स्वाद लग गया था. अब तो इटैलियन खाना हर जगह मिलता है लेकिन तब हमारा घर अकेला घर था जहां दुनिया भर के देशों के खाने बनाए जाते थे."
अपनी शादी के करीब 25 साल बाद उनका एक महिला कमला चौधरी से सम्बन्ध हो गया था, लेकिन उन्होंने उसे कभी छिपाया नहीं.
उनकी बेटी मल्लिका साराभाई बताती हैं, "पापा का कमला चौधरी से 'इनवॉल्वमेंट' था. उस समय मुझे बहुत दुख होता था और मैं उनसे बहुत बहस करती थी. जब मैं बड़ी हुई तब मुझे अंदाज़ा हुआ कि दो लोगों को प्यार करना संभव है."